शहादत
बहुत उमड़ रहा प्रेम लोगों में जवानों की शहादत पर कहां थे वे जब बरस रही थी लाठियां इन जवानों पर। ये कैसा छद्म देशभक्ति है कोई जाकर पुछे उनसे बहा रहे हैं घड़ियाली आंसू निक...
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