राजनीति
काव्य संख्या-213 =================== राजनीति =================== मैं लौट जाउंगा फिर अपनी कविता की दुनिया में, कुछ पल ठहर जाने दो मुझे राजनीति की दुनिया में, मैं देख लेना चाहता हूँ इसकी सीमाओं को, मैं छान लेना च...
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