संदेश

मई, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

राजनीति

काव्य संख्या-213 =================== राजनीति =================== मैं लौट जाउंगा फिर अपनी कविता की दुनिया में, कुछ पल ठहर जाने दो मुझे राजनीति की दुनिया में, मैं देख लेना चाहता हूँ इसकी सीमाओं को, मैं छान लेना च...