गाँधी ! क्या तुम्हें उपहार दूं
काव्य संख्या - 217 ================== गाँधी ! क्या तुम्हें उपहार दूं ================== बापू ! तू बता, तुम्हारे जन्म-दिन पर मैं तुम्हें क्या उपहार दूं? घृणा दूं मॉब लिंचिंग दूं या फिर भ्रष्टाचारी-शोषणकारी समा...