हे ईश्वर !
हे ईश्वर (30/05/2018) ================= हे इश्वर ! तुमने कैसा जहां बनाया था यह कैसा बन गया है आदमी, आदमी से जलता है इसने पशुता को भी पीछे छोड़ दिया है इनके आंखों में प्यार की बजाय खून दिखाई देता है हर तरफ...
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