संदेश

झूठ ही सही लेकिन तुम बोलो

झूठ ही सही लेकिन तुम बोलो अच्छा लगता है सुनने में मुझे। अब तो आदत-सी पड़ गई है। झूठ के साथ जीना सीख लिया है मैंने तुम बोलो कि सत्ता में आने के बाद सबको रोजगार दूँगा तुम बोलो कि...

सच में वो आदमी नहीं, है मौन प्रतिमा-सा

सच में, वो आदमी नहीं वो है मौन प्रतिमा-सा जिनकी आँखे तो खुली है पर, देख पाने में असमर्थ है जिनके पास कान तो है पर, सुनने में असमर्थ है जिनके पास मुख तो है पर, बोलने में असमर्थ है स...

वो माँ है

रिस-रिसकर खत्म हो जाती है उनकी जिंदगी न जाने किस बात की सजा मिलती है उन्हें पूरी जिंदगी खत्म हो जाती है उनकी जिंदगी उन्हें सजने-संवारने में और सुंदर बनाने में अपनी पूरी खु...

ओ मजदूर ओ मजदूर

ओ मजदूर ओ मजदूर तुम्हीं हो क्रांति के दूत बड़ी-बड़ी अट्टलिकाएं बनी परी है तुम्हारे मेहनत का ही नतीजा है तुम्हारे कारण ही वे ऐशो-आराम की जिंदगी जीते हैं उल्टे तुम्हारा ही ख...

माँ-बाप

माँ-बाप के अहमियत का पता बच्चों को माँ-बाप के गुजर जाने के बाद चलता है। माँ-बाप जबतक आँखों के सामने होते हैं माँ-बाप की तबतक अहमियत नहीं होती। माँ-बाप की भूमिका में आते हैं जब ...

हिन्दी

बदल रही है देश की आबोहवा, अंग्रेजीदां लोगों से, सिमट रही है हिन्दी, अंग्रेजीदां लोगों से, हम खो रहे हैं अपनी पहचान, अंग्रेजीदां लोगों के कारण से, अपने ही देश में लड़ रही है हिन...

ऐ समय फिर एक बार लौट आ

ऐ समय ! फिर एक बार लौट आ / ताकि अपनी गलतियों को सुधार सकूँ / अपने गलत निर्णय पर पुनर्विचार कर सकूँ / एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकूँ / ऐ समय ! फिर एक बार लौट आ / अतीत का मूल्यांकन वर...